Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.301.85: सुनो, मैं इस विषय में परम सत्य को विस्तारपूर्वक कह ​​रहा हूँ। यहाँ कपिलजी द्वारा प्रतिपादित सांख्य दर्शन का पालन करने वाले महापुरुषों का उत्तम मत प्रस्तुत कर रहा हूँ। ॥85॥   |   mahabharat अध्याय 12.301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन  »  श्लोक 85
 
 
श्लोक  12.301.85 
अत्रापि तत्त्वं परमं शृणु सम्यङ् मयेरितम्।
बुद्धिश्च परमा यत्र कापिलानां महात्मनाम्॥ ८५॥
 
 
अनुवाद
सुनो, मैं इस विषय में परम सत्य को विस्तारपूर्वक कह ​​रहा हूँ। यहाँ कपिलजी द्वारा प्रतिपादित सांख्य दर्शन का पालन करने वाले महापुरुषों का उत्तम मत प्रस्तुत कर रहा हूँ। ॥85॥
 
Listen, I am explaining the ultimate truth in this matter in detail. Here I am presenting the best opinion of the great men who follow the Sankhya philosophy propounded by Kapilji. ॥ 85॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)