Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.301.109: हे राजन! हे महात्मा! महान् इतिहासों में, सज्जनों द्वारा परोसे गए अर्थशास्त्र में तथा इस लोक में जो भी महान् ज्ञान देखा जाता है, वह सब सांख्य के द्वारा ही प्राप्त हुआ है ॥109॥   |   mahabharat अध्याय 12.301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन  »  श्लोक 109
 
 
श्लोक  12.301.109 
यच्चेतिहासेषु महत्सु दृष्टं
यच्चार्थशास्त्रे नृप शिष्टजुष्टे।
ज्ञानं च लोके यदिहास्ति किंचित्
सांख्यागतं तच्च महन्महात्मन्॥ १०९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! हे महात्मा! महान् इतिहासों में, सज्जनों द्वारा परोसे गए अर्थशास्त्र में तथा इस लोक में जो भी महान् ज्ञान देखा जाता है, वह सब सांख्य के द्वारा ही प्राप्त हुआ है ॥109॥
 
O King! O Mahatma! Whatever great knowledge is seen in the great histories, in the economics served by the noble men and in this world, all of it has been obtained through Sankhya only. ॥109॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)