श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 300: सांख्य और योगका अन्तर बतलाते हुए योगमार्गके स्वरूप साधन,फल और प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  12.300.45 
पक्षान् मासानृतूंश्चैतान् संवत्सरानहस्तथा।
अप: पीत्वा पयोमिश्रा योगी बलमवाप्नुयात्॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
जो योगी प्रतिदिन एक बार दूध मिला जल पीता है, फिर पंद्रह दिन में एक बार पीता है, फिर महीने में एक बार, ऋतु में एक बार और वर्ष में एक बार पीता है, वह योगबल प्राप्त करता है ॥ 45॥
 
A yogi who drinks water mixed with milk once a day, then drinks it once in fifteen days, and then consumes it once in a month, once in a season and once in a year, attains the power of yoga. ॥ 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)