श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 300: सांख्य और योगका अन्तर बतलाते हुए योगमार्गके स्वरूप साधन,फल और प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  12.300.29 
बलानि योगप्राप्तानि मयैतानि विशाम्पते।
निदर्शनार्थं सूक्ष्माणि वक्ष्यामि च पुनस्तव॥ २९॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजा की रक्षा करने वाले राजा! उदाहरण के लिए मैं पुनः आपसे योग से प्राप्त कुछ सूक्ष्म शक्तियों का वर्णन करूँगा।
 
O king who protects his subjects! For the sake of illustration, I will once again describe to you some subtle powers obtained through Yoga. 29.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)