उस पतिव्रता एवं गुणवती राजकुमारी को भागते हुए देखकर पर्वत ने उससे कहा - 'देवि! यह वास्तव में तुम्हारा पति है। इस विषय में अन्यथा विचार करने की कोई आवश्यकता नहीं है।' ॥41॥
Seeing that chaste and virtuous princess running away, the mountain said to her - 'Devi! This is indeed your husband. There is no need to think otherwise in this matter.' ॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥