अब्रवीद्धि स मां क्रुद्धस्तव पूर्वपितामह:।
मूत्रश्लेष्माशन: पाप निरयं प्रतिपत्स्यसे॥ २१॥
अनुवाद
तेरे दादा भृगु जी ने मुझे शाप देते हुए क्रोधपूर्वक कहा कि, 'हे पापी! तू मूत्र-लार आदि खाने वाला कीड़ा बनकर नरक में गिरेगा।'॥21॥
‘Your grandfather Bhrigu Ji, while cursing me, said to me in anger, 'O sinner! You will become a worm eating urine and saliva etc. and will fall in hell.'॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥