श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 3: कर्णको ब्रह्मास्त्रकी प्राप्ति और परशुरामजीका शाप  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  12.3.13 
अष्टपादं तीक्ष्णदंष्ट्रं सूचीभिरिव संवृतम्।
रोमभि: संनिरुद्धाङ्गमलर्कं नाम नामत:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इसके आठ पैर और नुकीले दाँत थे। इसका पूरा शरीर सुई जैसे बालों से ढका हुआ था। यह 'अलर्क' नाम से प्रसिद्ध कीट था।
 
It had eight legs and sharp teeth. Its entire body was covered with needle-like hairs. It was a famous insect known as 'Alarka'.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)