श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 299: हंसगीता-हंसरूपधारी ब्रह्माका साध्यगणोंको उपदेश  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.299.23 
न तथा वक्तुमिच्छन्ति कल्याणान् पुरुषे गुणान्।
यथैषां वक्तुमिच्छन्ति नैर्गुण्यमनुयुञ्जका:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
जो लोग किसी से ईर्ष्या करते हैं, वे उसके दोषों का वर्णन करने का प्रयत्न करते हैं, परन्तु उसके शुभ गुणों का वर्णन करने का प्रयत्न नहीं करते ॥23॥
 
People who are jealous of someone try to describe his faults but do not try to describe his auspicious qualities. ॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)