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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 299: हंसगीता-हंसरूपधारी ब्रह्माका साध्यगणोंको उपदेश
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श्लोक 2
श्लोक
12.299.2
भीष्म उवाच
अत्र ते वर्तयिष्येऽहमितिहासं पुरातनम्।
साध्यानामिह संवादं हंसस्य च युधिष्ठिर॥ २॥
अनुवाद
भीष्म बोले, "युधिष्ठिर! मैं इस विषय में ऋषियों और हंस के बीच हुए संवाद की प्राचीन कथा तुमसे कहता हूँ।
Bhishma said, "Yudhishthira! I am narrating to you the ancient story of the conversation between the sages and the swan in this matter.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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