श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 299: हंसगीता-हंसरूपधारी ब्रह्माका साध्यगणोंको उपदेश  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  12.299.13 
वेदस्योपनिषत् सत्यं सत्यस्योपनिषद् दम:।
दमस्योपनिषन्मोक्ष एतत् सर्वानुशासनम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वेदों के अध्ययन का सार सत्य बोलना है, सत्य का सार इन्द्रियों को वश में करना है और इन्द्रियों के वश में करने का फल मोक्ष है। यही समस्त शास्त्रों की शिक्षा है ॥13॥
 
The essence of studying the Vedas is to speak the truth, the essence of the truth is to control the senses and the fruit of the control of the senses is salvation. This is the teaching of all the scriptures. 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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