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mahabharat 12.296.1: जनक ने पूछा - "हे वक्ताओं में श्रेष्ठ मुनि! ब्राह्मण आदि विशेष वर्णों की उत्पत्ति किस प्रकार होती है? मैं यह जानना चाहता हूँ। कृपया मुझे इस विषय में बताइए॥ 1॥   |   mahabharat अध्याय 12.296: पराशरगीता—वर्णविशेषकी उत्पत्तिका रहस्य, तपोबलसे उत्कृष्ट वर्णकी प्राप्ति, विभिन्न वर्णोंके विशेष और सामान्य धर्म, सत्कर्मकी श्रेष्ठता तथा हिंसारहित धर्मका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 296: पराशरगीता—वर्णविशेषकी उत्पत्तिका रहस्य, तपोबलसे उत्कृष्ट वर्णकी प्राप्ति, विभिन्न वर्णोंके विशेष और सामान्य धर्म, सत्कर्मकी श्रेष्ठता तथा हिंसारहित धर्मका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.296.1 
जनक उवाच
वर्णो विशेषवर्णानां महर्षे केन जायते।
एतदिच्छाम्यहं ज्ञातुं तद् ब्रूहि वदतां वर॥ १॥
 
 
अनुवाद
जनक ने पूछा - "हे वक्ताओं में श्रेष्ठ मुनि! ब्राह्मण आदि विशेष वर्णों की उत्पत्ति किस प्रकार होती है? मैं यह जानना चाहता हूँ। कृपया मुझे इस विषय में बताइए॥ 1॥
 
Janaka asked, "O great sage among speakers! How do the castes of the special castes like Brahmin etc. come into existence? I want to know this. Please tell me about this topic.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)