जैसे कोई मनुष्य दोनों भुजाओं से आकाश में नहीं तैर सकता, वैसे ही भरत के महान् कर्म, जो समस्त राजाओं में हैं, अन्य कोई राजा उनका अनुकरण नहीं कर सकता ॥48॥
‘Just as a man cannot swim in the sky using both arms, similarly, Bharata's great deeds, which are amongst all the kings, cannot be imitated by any other king. ॥ 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥