Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.284.97: हे भगवान रुद्र! आपको नमस्कार है, जो एक पैर, अनेक नेत्र और एक सिर वाले हैं। हे भगवान रुद्र! आप भक्तों द्वारा दी गई छोटी से छोटी वस्तु के लिए भी सदैव तत्पर रहते हैं और बदले में उन्हें अपार धन देने में रुचि रखते हैं। आपको नमस्कार है।॥ 97॥ | mahabharat अध्याय 12.284: पार्वतीके रोष एवं खेदका निवारण करनेके लिये भगवान् शिवके द्वारा दक्षयज्ञका विध्वंस, दक्षद्वारा किये हुए शिवसहस्रनामस्तोत्रसे संतुष्ट होकर महादेवजीका उन्हें वरदान देना तथा इस स्तोत्रकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भगवान रुद्र! आपको नमस्कार है, जो एक पैर, अनेक नेत्र और एक सिर वाले हैं। हे भगवान रुद्र! आप भक्तों द्वारा दी गई छोटी से छोटी वस्तु के लिए भी सदैव तत्पर रहते हैं और बदले में उन्हें अपार धन देने में रुचि रखते हैं। आपको नमस्कार है।॥ 97॥
Salutations to you who has one foot, many eyes and one head. Salutations to you, Lord Rudra, who is always eager for even the smallest thing given by devotees and in return is interested in distributing immense wealth to them.॥ 97॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥