Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.284.137: आपके बाल सुई के समान हैं। दाढ़ी और मूँछें काली हैं। सिर के बाल ऊपर की ओर उठे हुए हैं। आप सभी सजीव और निर्जीव वस्तुओं के स्वरूप हैं। आप गायन और वाद्यों का सार जानते हैं। आपको गायन और वाद्यों से प्रेम है।॥137॥ | mahabharat अध्याय 12.284: पार्वतीके रोष एवं खेदका निवारण करनेके लिये भगवान् शिवके द्वारा दक्षयज्ञका विध्वंस, दक्षद्वारा किये हुए शिवसहस्रनामस्तोत्रसे संतुष्ट होकर महादेवजीका उन्हें वरदान देना तथा इस स्तोत्रकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपके बाल सुई के समान हैं। दाढ़ी और मूँछें काली हैं। सिर के बाल ऊपर की ओर उठे हुए हैं। आप सभी सजीव और निर्जीव वस्तुओं के स्वरूप हैं। आप गायन और वाद्यों का सार जानते हैं। आपको गायन और वाद्यों से प्रेम है।॥137॥
The hair is like a needle. The beard and moustache are black. The hair on the head is raised upwards. You are the embodiment of all living and non-living things. You know the essence of singing and playing instruments. You love singing and playing instruments.॥137॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥