इससे अहंकार की ये तीन धाराएँ – ‘मैं कुलीन हूँ, मैं सिद्ध हूँ और मैं कोई साधारण मनुष्य नहीं हूँ’ – मनुष्य के मन में सिंचित होने लगती हैं।
Due to this, these three streams of ego – ‘I am of noble birth, I am accomplished and I am not an ordinary man’ – begin to irrigate the mind of the man. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥