Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.28.50: सभी प्राणियों को इस विशाल मृत्यु पथ पर चलना ही पड़ता है। यह क्षणभंगुर मनुष्य भी काल के द्वारा विवश होकर उस मृत्यु पथ पर आता है, जो कभी टलता नहीं ॥50॥ | mahabharat अध्याय 12.28: अश्मा ऋषि और जनकके संवादद्वारा प्रारब्धकी प्रबलता बतलाते हुए व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सभी प्राणियों को इस विशाल मृत्यु पथ पर चलना ही पड़ता है। यह क्षणभंगुर मनुष्य भी काल के द्वारा विवश होकर उस मृत्यु पथ पर आता है, जो कभी टलता नहीं ॥50॥
All living beings have to tread this vast path of death. Even this temporary human being is compelled by time to come on the path of death which is never averted. ॥ 50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥