Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.28.43: विद्वान पुरुष को चाहिए कि वह पितरों के लिए श्राद्ध और देवताओं के लिए यज्ञ करे, धार्मिक कर्मों का अनुष्ठान और यज्ञ करे तथा धर्म, अर्थ और काम का विधिपूर्वक उपभोग करे ॥ 43॥ | mahabharat अध्याय 12.28: अश्मा ऋषि और जनकके संवादद्वारा प्रारब्धकी प्रबलता बतलाते हुए व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विद्वान पुरुष को चाहिए कि वह पितरों के लिए श्राद्ध और देवताओं के लिए यज्ञ करे, धार्मिक कर्मों का अनुष्ठान और यज्ञ करे तथा धर्म, अर्थ और काम का विधिपूर्वक उपभोग करे ॥ 43॥
A learned man should perform the shraddha rituals for his ancestors and the yajnas for the gods. He should perform the rites and yajnas of religious works and should also enjoy Dharma, Artha and Kama in a lawful manner. ॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥