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mahabharat 12.28.14: बुढ़ापा और मृत्यु दो भेड़ियों के समान हैं जो सभी प्राणियों को खा जाते हैं, चाहे वे बलवान हों या दुर्बल, छोटे हों या बड़े।   |   mahabharat अध्याय 12.28: अश्मा ऋषि और जनकके संवादद्वारा प्रारब्धकी प्रबलता बतलाते हुए व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.28.14 
जरामृत्यू हि भूतानां खादितारौ वृकाविव।
बलिनां दुर्बलानां च ह्रस्वानां महतामपि॥ १४॥
 
 
अनुवाद
बुढ़ापा और मृत्यु दो भेड़ियों के समान हैं जो सभी प्राणियों को खा जाते हैं, चाहे वे बलवान हों या दुर्बल, छोटे हों या बड़े।
 
Old age and death are like two wolves that devour all creatures, strong and weak, small and large.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)