श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 279: ब्रह्मकी प्राप्तिका उपाय तथा उस विषयमें वृत्र-शुक्र-संवादका आरम्भ  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  12.279.22 
कृतान्तविधिसंयुक्त: सर्वो लोक: प्रपद्यते।
गतं गच्छन्ति चाध्वानं सर्वभूतानि सर्वदा॥ २२॥
 
 
अनुवाद
सभी जीव सृष्टि के रचयिता के नियमों के अनुसार सुख-दुःख का अनुभव करते हैं और सभी प्राणी सदैव उनके द्वारा निर्धारित मार्ग का ही अनुसरण करते हैं ॥22॥
 
All living beings experience happiness and sorrow as per the laws of the Creator of the universe and all creatures always follow the path set by them. ॥22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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