Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.270.8: पूर्वकाल में ऐसे बहुत से ब्राह्मण और राजा हुए हैं, जो गृहस्थ आश्रम में रहते हुए भी अपने-अपने कर्तव्यों का परित्याग नहीं करते थे, अपितु निष्काम भाव से नियमानुसार उनमें लगे रहते थे ॥8॥ | mahabharat अध्याय 12.270: स्यूमरश्मि-कपिल-संवाद—चारों आश्रमोंमें उत्तम साधनोंके द्वारा ब्रह्मकी प्राप्तिका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पूर्वकाल में ऐसे बहुत से ब्राह्मण और राजा हुए हैं, जो गृहस्थ आश्रम में रहते हुए भी अपने-अपने कर्तव्यों का परित्याग नहीं करते थे, अपितु निष्काम भाव से नियमानुसार उनमें लगे रहते थे ॥8॥
In the past, there have been many Brahmins and kings who, while living in the householder's ashram, did not abandon their respective duties but remained engaged in them according to the rules without any desire. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥