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यजन्तोऽहरहर्यज्ञैर्निराशीर्बन्धना बुधा:।
तेषां यज्ञाश्च वेदाश्च कर्माणि च यथागमम्॥ १६॥
अनुवाद
वे विद्वान पुरुष कामनाओं के बंधन से मुक्त होकर प्रतिदिन भगवान को हवि अर्पित करते थे। उनके यज्ञ, वेद-अध्ययन तथा अन्य अनुष्ठान शास्त्रानुसार सम्पन्न होते थे। 16॥
Those learned men, freed from the bondage of desires, used to offer sacrifices to God every day. His yagya, study of Vedas and other rituals were performed as per the scriptures. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥