न वेदानां परिभवान्न शाठॺेन न मायया।
महत् प्राप्नोति पुरुषो ब्रह्मणि ब्रह्म विन्दति॥ १९॥
अनुवाद
वेदों का अनादर करके, हठ करके तथा छल-कपट से कोई भी मनुष्य परमेश्वर को प्राप्त नहीं कर सकता। वेदों तथा उनमें वर्णित कर्मों का आश्रय लेने से ही मनुष्य परब्रह्म को प्राप्त होता है। 19॥
By disrespecting the Vedas, by being stubborn and by deceit, no person can attain the Supreme God. Only by taking shelter of the Vedas and the deeds mentioned in them, one attains Parabrahma. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥