श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 269: प्रवृत्ति एवं निवृत्तिमार्गके विषयमें स्यूमरश्मि-कपिल-संवाद  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  12.269.13 
प्राग्गर्भाधानान्मन्त्रा हि प्रवर्तन्ते द्विजातिषु।
अविश्रम्भेषु वर्तन्ते विश्रम्भेष्वप्यसंशयम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य तीनों वर्णों में गर्भाधान से पूर्व वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। फिर वे वैदिक मंत्र निःसंदेह समस्त सांसारिक और आध्यात्मिक कार्यों में प्रयुक्त होते हैं।॥13॥
 
In all the three castes- Brahmin, Kshatriya and Vaishya, Vedic mantras are recited before conception. Then those Vedic mantras are undoubtedly used in all worldly and spiritual activities.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)