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श्लोक 12.267.26  |
श्रेयस: श्रेयसोऽप्येवं वृत्तं लोकोऽनुवर्तते।
सदैव हि गुरोर्वृत्तमनुवर्तन्ति मानवा:॥ २६॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार श्रेष्ठ राजा के उत्तम आचरण का सभी लोग अनुसरण करते हैं। स्वभाव से ही मनुष्य सदैव बड़ों के आचरण का अनुकरण करते हैं॥26॥ |
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| In this way everyone follows the good behaviour of the most excellent king. By nature human beings always imitate the behaviour of the elders.॥ 26॥ |
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