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mahabharat 12.267.26: इस प्रकार श्रेष्ठ राजा के उत्तम आचरण का सभी लोग अनुसरण करते हैं। स्वभाव से ही मनुष्य सदैव बड़ों के आचरण का अनुकरण करते हैं॥26॥   |   mahabharat अध्याय 12.267: द्युमत्सेन और सत्यवान‍्का संवाद—अहिंसापूर्वक राज्यशासनकी श्रेष्ठताका कथन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.267.26 
श्रेयस: श्रेयसोऽप्येवं वृत्तं लोकोऽनुवर्तते।
सदैव हि गुरोर्वृत्तमनुवर्तन्ति मानवा:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार श्रेष्ठ राजा के उत्तम आचरण का सभी लोग अनुसरण करते हैं। स्वभाव से ही मनुष्य सदैव बड़ों के आचरण का अनुकरण करते हैं॥26॥
 
In this way everyone follows the good behaviour of the most excellent king. By nature human beings always imitate the behaviour of the elders.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)