दस्यून् निहन्ति वै राजा भूयसो वाप्यनागस:।
भार्या माता पिता पुत्रो हन्यन्ते पुरुषेण ते।
परेणापकृतो राजा तस्मात् सम्यक् प्रधारयेत्॥ १०॥
अनुवाद
राजा डाकुओं अथवा अन्य अनेक निरपराध लोगों को मार डालता है और इस प्रकार उसके द्वारा मारे गए मनुष्य के पिता, माता, स्त्री और पुत्र आदि भी मारे जाते हैं क्योंकि जीविका का कोई उपाय नहीं रह जाता, इसलिए राजा को चाहिए कि यदि कोई अन्य अपकार करे तो सोच-समझकर ही करे (उतावली में किसी को मृत्युदंड न दे)॥10॥
The king kills dacoits or many other innocent people and in this way, the father, mother, wife and son etc. of the man killed by him are also killed as there is no way of livelihood left, hence the king should think carefully if someone else commits a disservice (he should not give death sentence to anyone hastily). 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥