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mahabharat 12.267.1: युधिष्ठिर ने पूछा - हे श्रेष्ठ पुरुषों में पितामह! मैं आपसे यह पूछ रहा हूँ कि राजा को अपनी प्रजा की किस प्रकार रक्षा करनी चाहिए कि उसे किसी को कष्ट न पहुँचाना पड़े; कृपया मुझे वह बताइए॥1॥   |   mahabharat अध्याय 12.267: द्युमत्सेन और सत्यवान‍्का संवाद—अहिंसापूर्वक राज्यशासनकी श्रेष्ठताका कथन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.267.1 
युधिष्ठिर उवाच
कथं राजा प्रजा रक्षेन्न च किंचित् प्रघातयेत्।
पृच्छामि त्वां सतां श्रेष्ठ तन्मे ब्रूहि पितामह॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - हे श्रेष्ठ पुरुषों में पितामह! मैं आपसे यह पूछ रहा हूँ कि राजा को अपनी प्रजा की किस प्रकार रक्षा करनी चाहिए कि उसे किसी को कष्ट न पहुँचाना पड़े; कृपया मुझे वह बताइए॥1॥
 
Yudhishthira asked - O great grandfather among the noblest of men! I am asking you that how should a king protect his subjects so that he does not have to harm anyone; please tell me that.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)