श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 265: राजा विचख्नुके द्वारा अहिंसा-धर्मकी प्रशंसा  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.265.1 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
प्रजानामनुकम्पार्थं गीतं राज्ञा विचख्नुना॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, 'हे राजन! प्राचीन काल में राजा विचख्नु ने समस्त प्राणियों पर दया करने की इच्छा प्रकट की थी। इस संदर्भ में ज्ञानीजन इस प्राचीन कथा का उदाहरण देते हैं।
 
Bhishma said, 'O King! In ancient times, King Vichakhnu had expressed his desire to show mercy to all creatures. Knowledgeable people cite this ancient story as an example in this context.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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