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mahabharat 12.263.10: लोभी पुरुष लोभी पुत्रों को जन्म देते हैं और न्यायप्रिय पुरुषों से न्यायप्रिय पुत्र उत्पन्न होते हैं। यजमान और ऋत्विजों की प्रजा अपने ही समान होती है॥10॥   |   mahabharat अध्याय 12.263: जाजलिको तुलाधारका आत्मयज्ञविषयक धर्मका उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 263: जाजलिको तुलाधारका आत्मयज्ञविषयक धर्मका उपदेश  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  12.263.10 
लुब्धेभ्यो जायते लुब्ध: समेभ्यो जायते सम:।
यजमाना यथाऽऽत्मानमृत्विजश्च तथा प्रजा:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
लोभी पुरुष लोभी पुत्रों को जन्म देते हैं और न्यायप्रिय पुरुषों से न्यायप्रिय पुत्र उत्पन्न होते हैं। यजमान और ऋत्विजों की प्रजा अपने ही समान होती है॥10॥
 
Greedy men give birth to greedy sons and from fair-minded men, fair-minded sons are born. The subjects of the Yajaman and the Ritwij are like themselves.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)