Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.256.20: जब महादेवजी लोक-कल्याण की इच्छा से उनके सम्मुख आये, तब तेज से जलते हुए परमदेव ब्रह्माजी उनसे इस प्रकार बोले- 20॥   |   mahabharat अध्याय 12.256: युधिष्ठिरका मृत्युविषयक प्रश्न, नारदजीका राजा अकम्पनसे मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाते हुए ब्रह्माजीकी रोषाग्निसे प्रजाके दग्ध होनेका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 256: युधिष्ठिरका मृत्युविषयक प्रश्न, नारदजीका राजा अकम्पनसे मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाते हुए ब्रह्माजीकी रोषाग्निसे प्रजाके दग्ध होनेका वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  12.256.20 
तस्मिन्नभिगते स्थाणौ प्रजानां हितकाम्यया।
अब्रवीत् परमो देवो ज्वलन्निव तदा शिवम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
जब महादेवजी लोक-कल्याण की इच्छा से उनके सम्मुख आये, तब तेज से जलते हुए परमदेव ब्रह्माजी उनसे इस प्रकार बोले- 20॥
 
When Mahadevji came in front of him with a desire for the welfare of the people, Paramdev Brahmaji, burning with brilliance, spoke to him like this - 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)