| श्री महाभारत » पर्व 12: शान्ति पर्व » अध्याय 255: पञ्चभूतोंके तथा मन और बुद्धिके गुणोंका विस्तृत वर्णन » श्लोक 9 |
|
| | | | श्लोक 12.255.9  | धैर्योपपत्तिर्व्यक्तिश्च विसर्ग: कल्पना क्षमा।
सदसच्चाशुता चैव मनसो नव वै गुणा:॥ ९॥ | | | | | | अनुवाद | | धैर्य, तर्क-कुशलता, स्मृति, माया, कल्पना, क्षमा, शुभ-अशुभ संकल्प और चंचलता- ये मन के नौ गुण हैं ॥9॥ | | | | Patience, skill in reasoning, memory, illusion, imagination, forgiveness, auspicious and inauspicious resolutions and fickleness – these are the nine qualities of the mind. 9॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|