Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.253.13: जो योगी योगविद्या में पारंगत होकर आत्मा को प्राप्त करना चाहते हैं, वे तीन प्रकार के शरीरों - जड़ स्थूल शरीर, अमूर्त सूक्ष्म शरीर और वज्र के समान बलवान कारण शरीर - को पार कर जाते हैं। ॥13॥ | mahabharat अध्याय 12.253: स्थूल, सूक्ष्म और कारण-शरीरसे भिन्न जीवात्माका और परमात्माका योगके द्वारा साक्षात्कार करनेका प्रकार । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो योगी योगविद्या में पारंगत होकर आत्मा को प्राप्त करना चाहते हैं, वे तीन प्रकार के शरीरों - जड़ स्थूल शरीर, अमूर्त सूक्ष्म शरीर और वज्र के समान बलवान कारण शरीर - को पार कर जाते हैं। ॥13॥
The three types of bodies - the inert gross body, the intangible subtle body and the causal body as strong as a thunderbolt - are transcended by yogis who wish to attain the Self by being well versed in the science of Yoga. ॥13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥