Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.250.7: वह परमेश्वर जो धूम्ररहित अग्नि के समान प्रकाशित है, सबकी आत्मा और परमेश्वर है। केवल महात्मा और ज्ञानी ब्राह्मण ही उसे देख सकते हैं। 7. | mahabharat अध्याय 12.250: परमात्माकी प्राप्तिका साधन, संसार-नदीका वर्णन और ज्ञानसे ब्रह्मकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह परमेश्वर जो धूम्ररहित अग्नि के समान प्रकाशित है, सबकी आत्मा और परमेश्वर है। केवल महात्मा और ज्ञानी ब्राह्मण ही उसे देख सकते हैं। 7.
That Supreme Lord who shines like a smokeless fire is the soul of all and the Supreme Being. Only the great souls and the knowledgeable Brahmins can see Him. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥