Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.250.5: बुद्धि के द्वारा मन सहित समस्त इन्द्रियों को स्थिर करके, अनेक चिन्ताजनक विषयों का चिन्तन न करके, मनुष्य अपनी आत्मा में संतुष्ट हो जाता है और निश्चिन्त एवं शान्त हो जाता है। 5॥ | mahabharat अध्याय 12.250: परमात्माकी प्राप्तिका साधन, संसार-नदीका वर्णन और ज्ञानसे ब्रह्मकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बुद्धि के द्वारा मन सहित समस्त इन्द्रियों को स्थिर करके, अनेक चिन्ताजनक विषयों का चिन्तन न करके, मनुष्य अपनी आत्मा में संतुष्ट हो जाता है और निश्चिन्त एवं शान्त हो जाता है। 5॥
By stabilizing all the senses including the mind through the intellect, without thinking about many worrisome matters, one becomes content in one's soul and becomes carefree and calm. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥