श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 247: महाभूतादि तत्त्वोंका विवेचन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.247.2 
व्यास उवाच
अध्यात्मं यदिदं तात पुरुषस्येह पठॺते।
तत् तेऽहं वर्तयिष्यामि तस्य व्याख्यामिमां शृणु॥ २॥
 
 
अनुवाद
व्यास बोले, "महाराज, मैं आपको उन आध्यात्मिक विषयों से परिचित करा रहा हूँ जिनकी चर्चा शास्त्रों में मनुष्यों के लिए की गई है। आप अध्यात्म की यह व्याख्या सुनिए।"
 
Vyasa said, "Sir, I am introducing you to the spiritual topics that are discussed in the scriptures for human beings. Listen to this explanation of spirituality."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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