Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.240.30: उसे अपनी स्तुति करनेवालों और निन्दा करनेवालों दोनों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए तथा किसी के प्रति अच्छा या किसी के प्रति बुरा विचार नहीं करना चाहिए ॥30॥ | mahabharat अध्याय 12.240: योगसे परमात्माकी प्राप्तिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसे अपनी स्तुति करनेवालों और निन्दा करनेवालों दोनों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए तथा किसी के प्रति अच्छा या किसी के प्रति बुरा विचार नहीं करना चाहिए ॥30॥
He should treat both those who praise him and those who criticise him equally and should not think good of one or bad of the other. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥