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mahabharat 12.24.d7: तर्क, धर्मशास्त्र और दण्डनीति से प्रभावित बुद्धि तीनों लोकों में सफलता प्राप्त कर सकती है।   |   mahabharat अध्याय 12.24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना  »  श्लोक d7
 
 
श्लोक  12.24.d7 
तर्कशास्त्रकृता बुद्धिर्धर्मशास्त्रकृता च या॥
दण्डनीतिकृता चैव त्रैलोक्यमपि साधयेत्
 
 
अनुवाद
तर्क, धर्मशास्त्र और दण्डनीति से प्रभावित बुद्धि तीनों लोकों में सफलता प्राप्त कर सकती है।
 
‘Intellect influenced by logic, theology and penal policy can achieve success in all three worlds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)