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mahabharat 12.24.8: पाण्डुपुत्र, अपने सभी भाइयों को बड़ी मात्रा में दक्षिणा देकर यज्ञ में संलग्न करने से तुम अतुलनीय यश प्राप्त करोगे।   |   mahabharat अध्याय 12.24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.24.8 
भ्रातॄंश्च सर्वान् क्रतुभि: संयोज्य बहुदक्षिणै:।
सम्प्राप्त: कीर्तिमतुलां पाण्डवेय भविष्यसि॥ ८॥
 
 
अनुवाद
पाण्डुपुत्र, अपने सभी भाइयों को बड़ी मात्रा में दक्षिणा देकर यज्ञ में संलग्न करने से तुम अतुलनीय यश प्राप्त करोगे।
 
'Son of Pandu, by engaging all your brothers in sacrifices with large amounts of dakshina you will achieve matchless fame.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)