Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.24.33: राजा हयग्रीव अनेक युद्धों में विजय प्राप्त करके, अपनी प्रजा का पालन करते हुए, यज्ञों में सोमरस का पान करते हुए, श्रेष्ठ ब्राह्मणों को दक्षिणा आदि से संतुष्ट करते हुए, अपनी प्रजा की रक्षा के लिए शस्त्र धारण करते हुए युद्ध में मारे गए और अब देवताओं के लोक में सुख भोग रहे हैं ॥33॥ | mahabharat अध्याय 12.24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा हयग्रीव अनेक युद्धों में विजय प्राप्त करके, अपनी प्रजा का पालन करते हुए, यज्ञों में सोमरस का पान करते हुए, श्रेष्ठ ब्राह्मणों को दक्षिणा आदि से संतुष्ट करते हुए, अपनी प्रजा की रक्षा के लिए शस्त्र धारण करते हुए युद्ध में मारे गए और अब देवताओं के लोक में सुख भोग रहे हैं ॥33॥
'King Hayagriva, after winning many wars, taking care of his people, drinking Somras in the yagyas, satisfying the best brahmins with dakshina etc., was killed in the war while wearing the weapon to protect his people and now enjoys happiness in the world of gods. 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥