Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.238.3: उपर्युक्त शंका होने पर कहा गया है कि यदि वैदिक विधि के अनुसार मनुष्य के लिए कर्तव्य है, तो वह ज्ञान से उत्पन्न है, अन्यथा स्वाभाविक है। मैं विधि और फल सहित इस विषय का वर्णन करूँगा, तुम उसे सुनो। 3। | mahabharat अध्याय 12.238: नाना प्रकारके भूतोंकी समीक्षापूर्वक कर्मतत्त्वका विवेचन, युगधर्मका वर्णन एवं कालका महत्त्व । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उपर्युक्त शंका होने पर कहा गया है कि यदि वैदिक विधि के अनुसार मनुष्य के लिए कर्तव्य है, तो वह ज्ञान से उत्पन्न है, अन्यथा स्वाभाविक है। मैं विधि और फल सहित इस विषय का वर्णन करूँगा, तुम उसे सुनो। 3।
In case of the above doubt, it is said that if it is a duty for a person according to Vedic rules, then it is born of knowledge, otherwise it is natural. I will describe this topic along with the method and the result, you listen to it. 3.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥