Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.238.18: जैसे वर्षा पृथ्वी पर सभी प्राणियों को जन्म देती है और उनके अंगों को सब ओर से पुष्ट करती है, वैसे ही वेद प्रत्येक युग में योग के सभी अंगों का पोषण करते हैं॥18॥ | mahabharat अध्याय 12.238: नाना प्रकारके भूतोंकी समीक्षापूर्वक कर्मतत्त्वका विवेचन, युगधर्मका वर्णन एवं कालका महत्त्व । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे वर्षा पृथ्वी पर सभी प्राणियों को जन्म देती है और उनके अंगों को सब ओर से पुष्ट करती है, वैसे ही वेद प्रत्येक युग में योग के सभी अंगों का पोषण करते हैं॥18॥
Just as rain gives birth to all living creatures on earth and strengthens their limbs from all sides, similarly the Vedas nourish all the parts of Yoga in every age.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥