श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 23: व्यासजीका शंख और लिखितकी कथा सुनाते हुए राजा सुद्युम्नके दण्डधर्मपालनका महत्त्व सुनाकर युधिष्ठिरको राजधर्ममें ही दृढ़ रहनेकी आज्ञा देना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  12.23.36 
तत: स पृथिवीपालो लिखितस्य महात्मन:।
करौ प्रच्छेदयामास धृतदण्डो जगाम स:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
तब राजा ने महामना लिखित के दोनों हाथ कटवा दिए। दण्ड पाकर लिखित वहाँ से चला गया।
 
Then the king got both the hands of Mahamana Likhit chopped off. After receiving the punishment, Likhit left from there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)