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श्लोक  12.225.9 
शक्र उवाच
किमिदं त्वं मम कृते उताहो बलिन: कृते।
दु:सहे विजहास्येनं चिरसंवासिनी सती॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र ने पूछा, "हे मित्र! आप बहुत समय तक राजा बलि के शरीर में रहे हैं। अब आप उसे मेरे लिए त्याग रहे हैं या बलि के लिए?"
 
Indra asked, "O my friend! You have lived in the body of King Bali for a long time. Are you now abandoning him for my sake or for Bali's sake?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)