Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.225.4: बलि ने कहा- इंद्र! मेरी समझ में वह न तो राक्षस कुल की स्त्री है, न देव कुल की, न ही मनुष्य कुल की। यदि जानना है तो उससे पूछो, या न पूछो। जैसी तुम्हारी इच्छा हो, करो। | mahabharat अध्याय 12.225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बलिरुवाच
न हीमामासुरीं वेद्मि न दैवीं च न मानुषीम्।
त्वमेनां पृच्छ वा मा वा यथेष्टं कुरु वासव॥ ४॥
अनुवाद
बलि ने कहा- इंद्र! मेरी समझ में वह न तो राक्षस कुल की स्त्री है, न देव कुल की, न ही मनुष्य कुल की। यदि जानना है तो उससे पूछो, या न पूछो। जैसी तुम्हारी इच्छा हो, करो।
Bali said- Indra! In my understanding she is neither a woman of the demon clan nor of the god clan nor a human. If you want to know then ask her or don't ask. Do as you wish.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥