ब्रह्माजी ने पहले ही उनकी सीमा निर्धारित कर दी है, अतः उस सत्य सीमा के अनुसार सूर्य समस्त लोकों को गर्मी प्रदान करते हुए निरंतर परिक्रमा करते रहते हैं ॥ 35॥
Brahmaji has already set limits for them, hence in accordance with that true limit the Sun keeps revolving continuously providing heat to all the worlds. ॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥