Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.225.33: इन्द्र बोले, "हे प्रभु! ब्रह्मा ने मुझे बलि को न मारने की आज्ञा दी है, इसीलिए मैं आपके सिर पर अपना वज्र नहीं छोड़ रहा हूँ।"   |   mahabharat अध्याय 12.225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  12.225.33 
शक्र उवाच
ब्रह्मणोऽस्मि समादिष्टो न हन्तव्यो भवानिति।
तेन तेऽहं बले वज्रं न विमुञ्चामि मूर्धनि॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र बोले, "हे प्रभु! ब्रह्मा ने मुझे बलि को न मारने की आज्ञा दी है, इसीलिए मैं आपके सिर पर अपना वज्र नहीं छोड़ रहा हूँ।"
 
Indra said, "O Lord! Brahma has commanded me not to kill Bali, that is why I am not releasing my thunderbolt on your head."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)