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mahabharat 12.225.31: जब सूर्य केवल मध्याह्न काल में ही विद्यमान रहेगा और अस्त नहीं होगा, तब पुनः देवताओं और दानवों के बीच युद्ध होगा, जिसमें मैं आप सभी देवताओं को पराजित कर दूंगा।   |   mahabharat अध्याय 12.225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.225.31 
तथा मध्यंदिने सूर्यो नास्तमेति यदा तदा।
पुनर्देवासुरं युद्धं भावि जेतास्मि वस्तदा॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जब सूर्य केवल मध्याह्न काल में ही विद्यमान रहेगा और अस्त नहीं होगा, तब पुनः देवताओं और दानवों के बीच युद्ध होगा, जिसमें मैं आप सभी देवताओं को पराजित कर दूंगा।
 
'When the Sun remains present only during the midday hour and does not set, then again a war between gods and demons will take place in which I shall defeat all of you gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)