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mahabharat 12.225.30: तत्पश्चात, देवी लक्ष्मी द्वारा त्याग दिए जाने के बाद, दैत्यराज बलि ने कहा, 'जब तक सूर्य पूर्व में चमकता रहेगा, तब तक वह दक्षिण, पश्चिम और उत्तर दिशाओं को भी प्रकाशित करेगा।   |   mahabharat अध्याय 12.225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.225.30 
ततस्त्यक्त: श्रिया राजा दैत्यानां बलिरब्रवीत्।
यावत् पुरस्तात् प्रतपेत् तावद् वै दक्षिणां दिशम्।
पश्चिमां तावदेवापि तथोदीचीं दिवाकर:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात, देवी लक्ष्मी द्वारा त्याग दिए जाने के बाद, दैत्यराज बलि ने कहा, 'जब तक सूर्य पूर्व में चमकता रहेगा, तब तक वह दक्षिण, पश्चिम और उत्तर दिशाओं को भी प्रकाशित करेगा।
 
Thereafter, after being abandoned by Goddess Lakshmi, the demon king Bali said, 'So long as the Sun shines in the east, it will also illuminate the south, west and north directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)