श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.225.3 
शक्र उवाच
बले केयमपक्रान्ता रोचमाना शिखण्डिनी।
त्वत्त: स्थिता सकेयूरा दीप्यमाना स्वतेजसा॥ ३॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र बोले, "यह जटाधारी सुन्दरी कौन है, जो आपके शरीर से प्रकट होकर वहाँ खड़ी है? उसकी भुजाओं में बाजूबंद शोभायमान हैं और वह अपने तेज से चमक रही है।"
 
Indra said, "Who is this radiant beautiful lady with braids, who has emerged from your body and is standing there? The armlets on her arms are looking beautiful and she is shining with her own brilliance."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)