Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.225.23: इन्द्र बोले, 'हे देवी लक्ष्मी! मनुष्य लोक में सर्वत्र जल ही बहता है, अतः आपके दूसरे पैर का भार भी जल ही सहन करे, क्योंकि जल ही इस कार्य में पूर्णतः समर्थ है। | mahabharat अध्याय 12.225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्र बोले, 'हे देवी लक्ष्मी! मनुष्य लोक में सर्वत्र जल ही बहता है, अतः आपके दूसरे पैर का भार भी जल ही सहन करे, क्योंकि जल ही इस कार्य में पूर्णतः समर्थ है।
Indra said, 'O Goddess Lakshmi! In the human world, water flows everywhere; therefore, it should bear the weight of your other leg because water is fully capable of doing this task.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥