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mahabharat 12.225.21: मेरा विश्वास है कि यह पृथ्वी, जो मानव जगत के सभी तत्वों को जन्म देती है, सभी का पालन-पोषण करती है। यह आपके चरणों का भार सहन कर सकेगी, क्योंकि यह शक्तिशाली है।   |   mahabharat अध्याय 12.225: इन्द्र और लक्ष्मीका संवाद, बलिको त्यागकर आयी हुई लक्ष्मीकी इन्द्रके द्वारा प्रतिष्ठा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.225.21 
भूमिरेव मनुष्येषु धारिणी भूतभाविनी।
सा ते पादं तितिक्षेत समर्था हीति मे मति:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
मेरा विश्वास है कि यह पृथ्वी, जो मानव जगत के सभी तत्वों को जन्म देती है, सभी का पालन-पोषण करती है। यह आपके चरणों का भार सहन कर सकेगी, क्योंकि यह शक्तिशाली है।
 
It is my belief that this earth, which gives birth to all the elements in the human world, sustains everyone. It will be able to bear the weight of your feet because it is powerful.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)